1980–90 के दशक में छोटे वर्कशॉप्स में तकनीशियनों ने विदेशी मशीनों को खोलकर समझा और उन्हें भारतीय बिजली व्यवस्था के अनुसार री-इंजीनियर करना शुरू किया. यहीं से लोकल इलेक्ट्रिकल क्लस्टर विकसित हुआ.
मेरठ में लंबे समय तक बिजली कटौती और वोल्टेज की समस्या रही. इसी जरूरत ने स्थानीय कारीगरों को स्टेबलाइजर, इन्वर्टर और इलेक्ट्रिकल उपकरणों का लोकल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रेरित किया.
आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिंडन नदी के किनारे स्थित एक प्राचीन पुरातात्विक स्थल है.
सरकार के अनुसार 2026–27 तक मेरठ की अर्थव्यवस्था को लगभग $30 बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
स्पोर्ट्स गुड्स, कैंची-हैंड टूल्स, ब्रास इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, टेक्सटाइल और डेयरी उद्योग.
सेवा क्षेत्र: ~44% उद्योग: ~36% कृषि: ~19%
मेरठ की अर्थव्यवस्था लगभग ₹54,000 करोड़ से ₹68,000 करोड़ (करीब 7–8 बिलियन डॉलर) के बीच आंकी जाती है.