स्थानीय लोकमान्यताओं के अनुसार, भरत देव बाबा छिंदवाड़ा के चंदनगांव क्षेत्र में पूजे जाने वाले एक लोकदेवता हैं. मान्यता है कि उनकी बारात इसी स्थान पर पत्थर में बदल गई थी, जिसके बाद यह स्थल आस्था का केंद्र बन गया.
देव राखी पीले धागे और रुई से तैयार की जाने वाली एक पारंपरिक पवित्र राखी होती है. पूजा के बाद इसे पेड़ों, फसलों और प्रकृति को समर्पित किया जाता है.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के कुछ गोंड जनजातीय गांवों में पारंपरिक रूप से महिलाएं अपने भाइयों को राखी नहीं बांधतीं. यहां रक्षाबंधन का पर्व प्रकृति और खेती के प्रति आस्था के रूप में मनाया जाता है.
मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से बढ़ते शहरों में शामिल है. नवीनतम अनुमानों के अनुसार, 2026 में मेरठ शहर की आबादी करीब 19.6 लाख और पूरे महानगरीय क्षेत्र (Metro Area) की जनसंख्या लगभग 21.3 लाख है. वहीं, 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 34.4 लाख से अधिक, साक्षरता दर 72.84% और लिंगानुपात 886 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष दर्ज किया गया था.
मेरठ, दिल्ली से लगभग 70-80 किलोमीटर दूर स्थित है. Delhi-Meerut Expressway के जरिए सड़क मार्ग से 1 से 1.5 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है. वहीं, Namo Bharat (RRTS) और रेल सेवाओं के माध्यम से भी दिल्ली और मेरठ के बीच तेज व सुविधाजनक कनेक्टिविटी उपलब्ध है.
फिलहाल मेरठ में कोई पूर्ण रूप से संचालित नागरिक (कमर्शियल) एयरपोर्ट नहीं है, जहां से नियमित घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हों. मेरठ और आसपास के क्षेत्र के यात्री हवाई यात्रा के लिए मुख्य रूप से Indira Gandhi International Airport का उपयोग करते हैं, जो मेरठ से लगभग 80-100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. हालांकि, मेरठ में स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar Airstrip को क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए विकसित करने की योजनाओं पर समय-समय पर काम होता रहा है. भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ मेरठ को भी हवाई सेवाओं का लाभ मिल सकता है.
हाँ, मेरठ दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) का एक महत्वपूर्ण शहर है. यह उत्तर प्रदेश के उन प्रमुख जिलों में शामिल है जो एनसीआर क्षेत्र का हिस्सा हैं. नई दिल्ली से लगभग 70–80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मेरठ, सड़क, रेल और नमो भारत (RRTS) जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं के माध्यम से राजधानी से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. तेज़ी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और शहरी विस्तार के कारण मेरठ को एनसीआर के उभरते हुए प्रमुख शहरों में गिना जाता है.
मेरठ भारत के सबसे बड़े खेल सामग्री निर्माण केंद्रों में से एक है. यहां तैयार होने वाले क्रिकेट बैट, गेंद, हॉकी और अन्य स्पोर्ट्स उपकरण 70 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं.