यहां से मिट्टी के बर्तन, मनके, चूड़ियां, टेराकोटा वस्तुएं, तांबे के उपकरण और हड़प्पाई निर्माण अवशेष मिले थे.
दोनों स्थल मेरठ क्षेत्र में स्थित हैं और इतिहासकार इन्हें हड़प्पा से वैदिक काल के संक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी मानते हैं.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने 1958-59 में यहां खुदाई की थी.
यह सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे पूर्वी चौकी मानी जाती है, जहां हड़प्पाई संस्कृति के अवशेष मिले थे.