अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18वीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य कमजोर होने के बाद पेशवा बाजीराव प्रथम के नेतृत्व में मराठों ने मालवा क्षेत्र पर अधिकार किया. इसके बाद सिंधिया, होल्कर, पवार और भोंसले जैसे मराठा घरानों ने अलग-अलग रियासतों की स्थापना की.

खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों का निर्माण 10वीं से 11वीं शताब्दी के बीच चंदेल राजाओं ने कराया था. ये मंदिर अपनी उत्कृष्ट मूर्तिकला और नागर शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं.

सम्राट अशोक मौर्य काल में उज्जैन के राज्यपाल रहे थे. विदिशा से उनका विशेष संबंध रहा और उनके संरक्षण में सांची स्तूप का विकास हुआ, जो आज बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है.

नर्मदा मानव भारत में मिले सबसे प्राचीन मानव जीवाश्मों में से एक है. यह जीवाश्म मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के हथनोरा से मिला था और इसकी आयु लगभग 5 लाख वर्ष मानी जाती है.

यह मंदिर अपनी रहस्यमयी लोककथा, वीर मलकहन की अदृश्य पूजा की मान्यता और बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े होने के कारण प्रसिद्ध है. यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक इतिहास का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है.

लोककथाओं के अनुसार, वीर मलकहन 11वीं सदी के प्रसिद्ध योद्धा थे और बुंदेलखंड के वीर अल्हा-उदल के चचेरे भाई माने जाते हैं. उन्हें देवी हिंगलाज माता का परम भक्त माना जाता है.

रण कौशल देवी मंदिर मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अमाहा गांव में स्थित है. यह मंदिर अपनी अनोखी लोकमान्यताओं और वीर मलकहन से जुड़ी कथा के कारण पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रसिद्ध है.

यह चट्टान मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पास स्थित चंदनगांव के जंगल में है. यहां एक विशाल चट्टान दूसरी चट्टान पर असामान्य तरीके से संतुलित दिखाई देती है, जिसे भरत देव बाबा का स्वरूप माना जाता है.